शिकारपुर को सुरक्षित करने में दिन रात एक किये हैं अधिकारी।


कोरोनावायरस को मात देने के लिए बुलंदशहर  जिले में आने  वाले कामगारों  या अन्य लोगों को नियमानुसार सबसे  पहले स्वास्थ्य जांच वगैरह होने के बाद  कोरेंटिन किया जाता  है ।



वर्तमान में बुलंदशहर जिले  के शिकारपुर क्षेत्र में कुल 502 लोग आश्रय स्थलों में रह रहे हैं, तो वहीं इस दौरान साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान वहां रखा जा रहा है ।



इस बारे में एसडीएम वेदप्रिय आर्य ने  सलाम इंडिया से बातचीत करते हुए बताया कि जब भी  क़वारन्टीन किये गए लोग अपनी 14 दिन की समयावधि पूरी करके अपने घरों   के लिए जाते हैं उसके बाद आश्रय स्थल का कोई भी कमरा क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों को समय अवधि समाप्त होने के बाद साफ किया जाता है,प्रॉपर सफाई की जाती है,  तो वहीं  प्रत्येक दिन प्रॉपर तरीके से सैनिटाइजेशन कराया जाता है।



साथ ही जो आवश्यक उपयोग के गद्दे वगैरह  हैं उन्हें भी सैनिटाइजर सैनिटाइजेसन के साथ-साथ धूप में डाला जाता है, ताकि किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा ना रहे ।


उन्होंने बताया कि शिकारपुर में किए गए लोगों के लिए वह जरूरतमंद लोगों के लिए दो जगह प्रत्येक दिन भोजन कम्युनिटी किचन के जरिए बनाया जाता है वहां भी साफ-सफाई रहे इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।


एसडीएम शिकारपुर ने बताया कि शिकारपुर में सभी तरह से सरकारी मशीनरी प्रत्येक स्तर पर एक्टिव है,उन्होंए बताया कि सैनिटाइजेसन से लेकर तमाम व्यवस्थाओं में नगरपालिका के ई ओ का भी सहयोग मिल रहा है।उन्होंने बताया कि  कम्युनिटी किचन में बनने वाले भोजन की गुणवत्तापूर्ण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।


सलाम इंडिया के लिए सौरभ कुमार सिंह।


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