टिडडी दल पहुंचा बुलंदशहर की सीमा में ,पहले से सतर्क था जिला प्रशासन। अफसरों और किसानों ने मिलकर की दौड़भाग.. नहीं टिकने दीं जिले में।
बुलंदशहर जिले में भी आज टिड्डियों का आसमान में दिखना शुरू हुआ तो किसानों की बेचैनी बढ़ गयी।
आनन फानन में टिड्डियों की जिले में प्रवेश की सूचना पर पहले से मुस्तैद अफसर भी क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग कर रहे थे।
उप कृषि निदेशक आर.पी. चौधरी भी अपने लावलश्कर के साथ जिले की सीमा पर मुस्तेद थे ,अफसर लगातार इस टिडडी दल के पीछे दौड़ते देखे गए।
दरअसल जिस भी ग्रामसभा के क्षेत्र में टीड्डियों ने अपनी उपस्थिती दर्ज कराई, ग्रामीणों ने सामूहिक तौर पर एकजुटता दिखाई व ध्वनि उतपन्न कर टिड्डी दल को खेतों में डेरा ही नहीं डालने दिया ।
किसान अपने परिवार के नन्हे नोनिहालों के संग खेतों पर रखवाली करते और दौड़भाग करते देखे जा सकते थे।
अफसरों की मानें तो हरियाणा राज्य के फरीदाबाद से टीड्डि बुलन्दशहर पहुंची थीं। तो वहीं जिले में बिल्कुल नुकसान नहीं हुआ ये भी नहीं कहा जा सकता।
इस बारे में सलाम इंडिया ने अफसरों से बात की तो उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले के ऊपर से टीड्डियों का दल अलीगढ़ जनपद की तरफ बढ़ गया है।
इस बारे में जिला कृषि अधिकारी ए.के. सिंह ने बताया कि फरीदाबाद से दनकौर दनकौर से झाझर औऱ फिर जहांगीरपुर,जाओल, मुनि, सौदा हबीपुर क्षेत्र से होते हुए टीड्डि दल अलीगढ़ की सीमा में प्रवेश कर गईं ।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि टीड्डियों की खबर पर प्रशासन लगातार काफी गम्भीर है ।
इस दौरान देखा गया कि जिस जिस क्षेत्र से चिड़ियों का यह दल निकलता था उस क्षेत्र के ग्रामीण लगातार कुछ ना कुछ लेकर धनी कर रहे थे ताकि चिड़ियों खेतों में ना बैठें।जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि अंधेरा होने के बाद ही तिदिदियों के ऊपर दवा वगैरह डाली जा सकती है ,क्योंकि रात्रि में ये फसल पर या वृक्षों पर बैठ जाती हैं।फिलहाल अब बुलन्दशहर जिले में से अलीगढ़ की सीमा में ये चली गयी हैं लेकिन कई बार देखा जाता है कि हवा के रुख के साथ ये टीड्डियां हो लतीं हैं।
सलाम इंडिया के लिए सौरभ कुमार सिंह।