सेना के जवान तरुण तेवतिया की अस्थि कलश यात्रा , श्रद्धांजलि देने वालों का लगा रहा तांता,हुई शोकसभा


लद्दाख में जान गंवाने वाले सेना के सपूत  तरुण तेवतिया की अस्थियों का  कलश  लेकर परिवार के सदस्य लद्दाख़ से बुलंदशहर पहुंचे।



शहीद तरुण तेवतिया के सम्मान में जहां गांव के ही नहीं बल्कि   खास तौर से क्षेत्र के वो  युवा जो सेना की तैयारी किया करते हैं ,सेना में जाना चाहते हैं, वो सभी पहले से ही अपने चहेते साथी तरुण तेवतिया के अस्थि कलश के बुलंदशहर की सीमा में पहुंचने का  इंतज़ार कर रहे थे।



इस दौरान सिकन्दराबाद फ्लाईओवर और सनोटा नहर पर युवा ने सोशल डिस्टेन्स के साथ लददाख में अपना फर्ज निभाते हुए जान गंवाने वाले  तरुण तेवतिया की अस्थि कलश यात्रा में सभी शामिल हुए।



सैंकड़ों युवा गमगीन माहौल में अस्थि कलश यात्रा में  शामिल रहे,


लोगों ने वीर योद्धा के अस्थि कलश रथ पर  पुष्प बरसाए ।



पैतृक गांव में हुई शोकसभा  , सैंकड़ों युवाओं समेत भारी संख्या में कोरोना नियमों को अपनाते हुए अस्थि कलश के किये अंतिम दर्शन। वीर सैनिक के गांव में गमगीन माहौल रहा।



बच्चे महिलाएं बड़े बुजुर्ग सभी ने अपनी भवभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की भटौना में शहीद स्मारक पर शोकसभा के बाद अस्थिकलश यात्रा के रूप में बेहद गमगीन माहौल में  भटौना के प्राथमिक पाठशाला पहुंची वहां भटौना ,भोगपुर,क्यामपुर,देवली,नत्थूगढ़ी,भावा ,कुरली समेत अन्य गांवों के युवाओं व ग्रामीणों की मौजूदगी में लोगों ने गांव के सपूत तरुण तेवतिया के सम्मान में खुद को नहीं रोक पाए, गगनभेदी नारे लगाए,सभी ने कलश के अंतिम दर्शन किये और अपनी अपनी सम्वेदनाएँ व्यक्त कीं।



बुलंदशहर जिले के गुलावठी थाना क्षेत्र अंतर्गत भटौना गांव निवासी सेना के जवान तरुण तेवतिया की अस्थियां आज उनके पैतृक गांव पहुंचने में गांव में शोक की लहर दौड़ गयी।जैसे ही सेना के जवान की अस्थियों को लेकर परिवारीजन बुलंदशहर जिले के सिकन्दराबाद नगर में पहुंचे।



 पहले से इंतजार कर रहे  युवकों ने अपने गांव के नोजवान को याद करते हुए तरुण तेवतिया अमर रहें के नारे लगाए।



भटौना गांव तक दोपहिया, चार पहिया समेत ट्रैक्टर ट्रालियों का काफिला अस्थिकलश यात्रा के साथ उनके पैतृक गांव पहुंचा।इस मौके पर देशभक्ति गीतों को बजाया गया ।



जैसे ही गांव के नोजवान  और वीर सपूत की अस्थियों को लेकर यात्रा उनके गांव भटौना पहुंची तो माहौल और भी गमगीन हो गया।



गांव के अनेकों वीर योद्धाओं की याद में भटौना में स्थित शहीद स्मारक पर कुछ देर के लिए अस्थि कलश को स्थापित करके शोकसभा का आयोजन हुआ। इस मौके पर गांव के लाल को सभी ने याद करते हुए अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।



दरअसल पिछले दिनों तरुण तेवतिया के परिजनों को सेना के अफसरों द्वारा तरुण के निधन की जानकारी दी गयी थी,हालांकि तब मौत की वजह हार्ड अटैक बताई गई थी।



 


दरअसल बीते सोमवार को सेना के अफसरों ने परिवारीजनों को फोन पर सूचना दी थी  कि जवान तरुण तेवतिया का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। इस कारण अंतिम संस्कार लद्दाख में ही करने की बात अफसरों ने परिजनों से कही थी ।



सेना के जवान तरुण तेवतिया की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सेना ने उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार वहीं करने और परिजनों के लिए हवाई टिकट की व्यवस्था कराकर पांच परिवारीजनों को बुलवाया था।परिवार के जो लोग वहां गए थे पहले उन्होंने कोरोना टेस्ट कराकर निगेटिव रिपोर्ट जिले से प्राप्त की थी।



 दरअसल जिले के गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव भटौना निवासी 30 वर्षीय तरुण तेवतिया पुत्र देवेंद्र तेवतिया वर्ष 2012 में भारतीय सेना में सैनिक के तौर पर भर्ती हुए थे।उनके परिवार के पांच सदस्यों को अंतिम संस्कार में शामिल होने व सभी क्रियाकलापों को सम्पन्न कराने के लिए परिजनों को सेना ने बुलवाया था।दिल्ली से परिवार के पाँच लोग फ्लाइट के माध्यम से वहां पहुंचे थे।



 अंतिम संस्कार के बाद गांव में उनका अस्थि कलश पहुंचा तो गांव के युवाओं में अपने दोस्त व साथी के अचानक छोड़कर चले जाने से गमगीन माहौल था।स्नेह के जवान की करीब डेढ़ माह की बिटिया भी शोकसभा के वक्त मौजूद थीं।



    संजय तेवतिया ने बताया कि उनकी वर्तमान तैनाती लद्दाख में चीन बॉर्डर पर थी,संजय ने बताया कि वहां इस वक्त टेम्परेचर माइनस में है ,और पेट्रोलिंग के दौरान तरुण की तबियत खराब हुई थी।


 


 गत 30 सितंबर को ही वह छुट्टी काट कर वापस लद्दाख लौटे थे।


 5 साल पहले ही तरुण तेवतिया की शादी हुई थी डेढ़ वर्ष की एक बेटी भी है ।फिलहाल तरुण की मौत से गांव में गमगीन माहौल है।


   तरुण तेवतिया की अस्थियों के कलश को शहीद स्मारक के बाद परिवार के बीच भी ले जाया गया। 


  वहां भी शोकसभा का आयोजन किया गया ,गांव के सभी लोगों में जबरजस्त शोक की लहर देखने को मिली।


 


    रिश्ते के चाचा विपिन तेवतिया ने बताया कि जब तरुण को दिक्कत हुई तब वो कमांडिंग ऑफिसर के साथ लद्दाख क्षेत्र में पेट्रोलिंग पर थे। 


कुछ देर गांव में रुकने के बाद अस्थि कलश यात्रा को लेकर गंगा में प्रवाहित करने के लिए हापुड़ जिले के बृजघाट के लिए युवा व परिजन रवाना हो गए।


 


सलाम इंडिया परिवार की तरफ से अपने फर्ज को निभाते हुए देश के लिए न्योछावर हुए तरुण तेवतिया को शत शत नमन।