अयोध्या स्थित धन्नीपुर मस्जिद गंगा-जमुनी तहज़ीब के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का बड़ा पैग़ाम पूरे विश्व में देगी।
अयोध्या:
हाल ही में अयोध्या में मिली ज़मीन पर तिरंगा फहराकर मानवता को समर्पित की गई धन्नीपुर मस्जिद के बारे में जिसने भी सुना और जाना वो वाकई सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने वाला एवम अहम विषय है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अयोध्या में मिली पांच एकड़ भूमि पर प्रस्तावित प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 जनवरी, 2021 दिन मंगलवार को तिरंगा फहराकर और पौधारोपण कर की जा चुकी है।
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) ट्रस्ट ने बेहद सादे समारोह में पर्यावरण संरक्षण का पैगाम देते हुए धन्नीपुर प्रोजेक्ट मानवता को समर्पित किया गया था। अहम फैंसले जो उस बारे में लिए गए उनमें यहां मस्जिद के अलावा 200 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, इंडो इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर, म्यूजियम, लाइब्रेरी, और कम्युनिटी किचन बनाया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब ढाई साल का समय लगेगा। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने धन्नीपुर प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए गणतंत्र दिवस का खास दिन चुना ।बता दें कि ट्रस्ट को सोहावल तहसील के गांव धन्नीपुर में पांच एकड़ भूमि मिली है। ट्रस्ट के अध्यक्ष ज़फर फ़ारूक़ी ने सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराकर, उसे सलामी दी। धन्नीपुर मस्जिद गंगा-जमुनी तहज़ीब के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का बड़ा पैग़ाम पूरे विश्व में देगी।
माना जा रहा है कि सबसे अधिक फायदा स्थानीय लोगों को होगा। उन्हें अपने गांव के पास ही न सिर्फ़ बेहद सस्ता और अच्छा इलाज मिल सकेगा बल्कि यहां प्रस्तावित कम्युनिटी किचन से हर दिन आस-पास के करीब दो हजार गरीब महिलाओं व बच्चों को मुफ्त खाना वितरित किये जाने का भी प्लान तैयार किया जा रहा है जो कि निश्चित तौर पर कहीं न कही काबिलेतारीफ है। इस बारे भी प्लानिंग है कि आज-कल जो क्लाइमेट चेंज एक बड़ी गंभीर समस्या हर किसी के लिए होई जा रही है ,इसी वजह से यहां से पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश देने की कोशिश की भी तैयारी है। पिछले दिनों 26 जनवरी पर जब अयोध्या के धुन्नीपुर में तिरंगा फहराकर मस्जिद प्रोजेक्ट की शुरुआत झंडा फहराकर की गई उसके बाद से गंगा जमुनी तहजीब को फिर एक बार धर्मप्रेमियों ने साकार रूप देने का कार्य किया है।
सलाम इंडिया की प्रस्तुति